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दिल्ली नगर निगम चुनाव

आम आदमी पार्टी ने फेंका हाउस टैक्स माफ करने का पासा

Author: उपेन्द्र प्रसाद - Published 12:06

दिल्ली में नगर निगम चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अप्रैल महीने के अंतिम सप्ताह में मतदान होंगे और उसके नतीजे भी सामने आ जाएंगे। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के चुनावों में मिली बड़ी जीत के बाद भारतीय जनता पार्टी को लग रहा है कि वह दिल्ली का नगम निगम चुनाव जीत ही जाएगी। यहां उसका मुख्य मुकाबला आम आदमी पार्टी से होने वाला है, जो पंजाब और गोवा में हारने के बाद हौसलापस्ती के माहौल से गुजर रही है। कांग्रेस तीसरे नंबर की ताकत है। इस चुनाव में उसकी स्थिति कितनी पतली होने वाली है, इसका पता चुनाव अभियान के दौरान ही चल जाएगा।

भाजपा के विस्तार के पीछे नरेन्द्र मोदी

कांग्रेस को जीत का फाॅर्मूला खोजना होगा
Author: कल्याणी शंकर - Published 2017-03-29 12:35

भारतीय जनता पार्टी ने अपना देश व्यापी विस्तार कर लिया है। इसके साथ ही भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ धर्मनिरपेक्ष दलों का ध्रुवीकरण लगभग तय हो गया है। कांग्रेस की राजनीति केन्द्रवादी रही है जिसमें वामपंथी रुझान देखा जाता था। अब दक्षिणपंथी राजनीति का जोर है और इसके साथ कांग्रेस की राजनीति भी बदल रही है। उत्तर प्रदेश में आदित्यनाथ योगी के मुख्यमंत्री बनने से यह बात साफ हो जाती है, लेकिन संघ और भारतीय जनता पार्टी के पास एक नहीं अनेको आदित्यनाथ योगी हैं।

वैश्विक प्रसन्नता सूचकांक 2017

किसकी नजर लग गई हमारी खुशमिजाजी को?
Author: अनिल जैन - Published 2017-03-28 12:03

हम भारतीयों का जीवन दर्शन रहा है- ‘संतोषी सदा सुखी।’ हालात के मुताबिक खुद को ढाल लेने और अभाव में भी खुश रहने वाले समाज के तौर पर हमारी विश्वव्यापी पहचान रही है। दुनिया में भारत ही संभवतः एकमात्र ऐसा देश है जहां आए दिन कोई न कोई तीज-त्योहार-व्रत और धार्मिक-सांस्कृतिक उत्सव मनते रहते हैं, जिनमें मगन रहते हुए गरीब से गरीब व्यक्ति भी अपने सारे अभाव और दुख-दर्द को अपना प्रारब्ध मानकर खुश रहने की कोशिश करता है। इसी भारत भूमि से वर्धमान महावीर ने अपरिग्रह का संदेश दिया और इसी धरती पर बाबा कबीर भी हुए जिन्होंने इतना ही चाहा, जिससे कि उनकी और उनके परिवार की दैनिक जरूरतें पूरी हो जाए और दरवाजे पर आने वाला कोई साधु-फकीर भी भूखा न रह सके। लेकिन दुनिया को योग और अध्यात्म से परिचित कराने वाले इस देश की स्थिति में पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बदलाव आया है। अब लोगों की खुशी और आत्म-संतोष के स्तर में लगातार गिरावट आती जा रही है। इस बदलाव की पुष्टि हाल ही में जारी वैश्विक प्रसन्नता सूचकांक से भी होती है, जिसमें भारत को 122वां स्थान मिला है।

भारतः केरल

विजयन सरकार की सफलता को लेकर उठे सवाल

गृह व निगरानी विभाग का कामकाज सबसे खराब
Author: पी श्रीकुमारन - Published 2017-03-27 12:39

तिरुअनंतपुरमः पी विजयन के नेतृत्व वाली 10 महीने पुरानी एलडीएफ सरकार का कामकाज बहुत ही निराशाजनक रहा है। यह विपक्षी पार्टियों की कल्पना की उपज नहीं है, बल्कि सीपीएम के राज्य सचिवालय की दो दिनों की बैठक में निकला निष्कर्ष है।

योगी सरकार के शुरुआती दिन

हंगामा खड़ा करने से समस्या नहीं सुलझती
Author: उपेन्द्र प्रसाद - Published 2017-03-26 12:02

उत्तर प्रदेश की आदित्यनाथ योगी सरकार के शुरुआती दिन खासे हंगामेदार रहे हैं और सरकार की गतिविधियों को मीडिया खास कर टीवी मीडिया जबर्दस्त संज्ञान ले रहा है। टीवी मीडिया की मजबूरी है कि इसी तरह की खबरों को वह मनोरंजन बनाकर कर पेश करते रहे और भारतीय जनता पार्टी की रणनीति रही है कि उसकी गतिविधियां मीडिया में छाई रहे। आखिरकार योगी की सरकार भाजपा की ही सरकार है। इसलिए एक साथ ही योगी सरकार और टीवी मीडिया की चल निकली है। एंटी रोम्यो स्क्वाॅड हो, शराबियों की धड़पकड़ का या मंत्रियों द्वारा अपने दफ्तर में झाड़ू देना का, वे सारे दृश्य टीवी देखने वालों को आकर्षित करते हैं, क्योंकि उनमें मनोरंजन का पुट होता है। इस तरह खबरिया चैनल मनोरंजन चैनलों से प्रतिस्पर्धा करते हैं।

राजस्थान में पसरता भू मायाजाल

स्वप्न लोक बना सपना
Author: डाॅ. भरत मिश्र प्राची - Published 2017-03-26 11:48

जयपुरः राजस्थान की राजधानी जयपुर में विगत कई वर्षो से लुभावने संसाधनों का दिवास्वपन्न दिखाकर शहर से कोसों दूर आवासीय काॅलोनी के नाम भू आंवटन का कार्य वर्षो से जयपुर विकास प्राधिकरण के तहत जारी है। उसे पाने के लिये आगे - पीछे प्रदेश भर के लोग धूमते ही रहते है। जिसे भूखंड मिल जाता है, उस समय वह अपने आप को सौभाग्यशाली मानता है। उसके चेहरे पर असीम प्रसन्नता छा जाती है। उस भूखंड पर वह अपने सपनों का महल खड़ा करने के जुगाड़ में जुट जाता है। अपनी योजना के मुताबिक जब वह आबंटित भूखंड के पास जाता है तो वहां के अविकसित हालात को देखकर निराश हो जाता है। उसके द्वारा अपना एक आशियाना खड़ा करने की कल्पित योजना सपनों में ही सिमट कर रह जाती है, जबकि आबंटन पत्र में भूखंड पंजीकरण कराने के एक साल के भीतर ही वहां निर्माण कराने के लिए निर्देश जे. डी. ए. द्वारा दर्शाये गये होते है।

एसएनडीपी प्रमुख ने भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोला

भाजपा और बीडीरजेएस के बीच दरार चैड़ी हुई
Author: पी श्रीकुमारन - Published 2017-03-26 11:44

तिरुअनंतपुरमः उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भारी जीत हासिल कर भारतीय जनता पार्टी का दिमाग सातवें आसमान पर है, लेकिन केरल में अपना विस्तार करने की पार्टी की योजना दलदल में फंसती जा रही है।

उत्तर प्रदेश में भाजपा का मुख्य एजेंडा हिन्दुत्व है

विकास सुनिश्चित करना योगी के लिए कठिन चुनौती
Author: कल्याणी शंकर - Published 2017-03-22 14:05

योगी आदित्यनाथ के उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री का पद संभालते ही वहां यह नारा लगने लगा है, ’देश में मोदी, प्रदेश में योगी‘। योगी गोरखनाथ मठ के मठाधीश भी हैं। योगी को मुख्यमंत्री बनाने का संदेश यह है कि भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश में अपनी जीत को हिन्दुत्व की जीत मानती है, जबकि कागज पर वह कह रही है कि यह विकास की जीत है। दिलचस्प यह है कि कट्टर हिन्दुत्ववाद की पहचान रखने वाले योगी ने भी शपथ ग्रहण के बाद ’सबका साथ, सबका विकास‘ का सुर अलापना शुरू कर दिया है। आशावादी कहते हैं कि उन्हें समझने के लिए समय दिया जाना चाहिए, जबकि निराशावादी कहते हैं कि उत्तर प्रदेश हिन्दुत्व की ओर जा रहा है। विकास की बात करने के पीछे भी हिन्दुत्व का एजेंडा काम करता रहेगा, जैसा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बयानों से साफ होता है।

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार

कानून व्यवस्था की बहाली और भ्रष्टाचार पर लगाम मुख्य चुनौती
Author: उपेन्द्र प्रसाद - Published 2017-03-21 13:03

योगी सरकार की शुरुआत अच्छे ढंग से हुई है। मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने सभी मंत्रियों और अधिकारियों को अपनी अपनी संपत्तियों का ब्यौरा देने को कहा है और पुलिस को सख्त हिदायत दी है कि कहीं सांप्रदायिक तनाव और हिंसा नहीं हो। इलाहाबाद के दो बूचड़खानों को सील किया गया है, लेकिन वे दोनों अवैध रूप से चल रहे थे। वैध रूप से चल रहे बूचड़खानों को भी सत्ता में आने के पहले दिन ही बंद करने के वायदे भाजपा नेताओ ने किए थे। गनीमत है कि वैसा अभी तक नहीं हुआ है और कानूनी रूप से चल रहे बूचड़खाने, जिनमें हजारों लोग काम करते हैं, अभी बचे हुए हैं। उम्मीद है कि उनसे संबंधित निर्णय लेते समय योगी सरकार विवके से काम लेगी।

असुरक्षित दिखाई दे रहा है वृद्धजनों का जनजीवन

उन्हें तबाह कर रहा है भूमंडलीयकरण
Author: डाॅ. भरत मिश्र प्राची - Published 2017-03-20 12:49

जब से देश भूमंडलीयकरण की चपेट में आया है, तब से वृृद्धजनों का जनजीवन असुरक्षित दिखाई देने लगा है। जिस तरीके से यह प्रभाव हावी होता जा रहा है , यह समस्या और गंभीर होती जा रही है। इस समस्या के समाधान के लिये भूमंडलीयकरण से प्रभावित देश वृृद्धाश्रम, पेंशन जैसी व्यवस्था देकर निदान पाने की कोशिश अवश्य कर रहे है, जिसकी छत्रछाया की झलक हमारे देश में देखी जा सकती है, पर इस छत्रछाया से राहत किस रूप में वृृद्धजनों को पहुंच रही है, सभी के सामने है। यहां वृृद्धजनों के लिये सुरक्षित न तो वृृृृद्धाश्रम है न सही देख रेख । उन्हें पेंशन भी नाम मात्र की दी जाती है, जो किसी को मिलती है किसी को नहीं।

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