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एक बार फिर गुर्जर आंदोलन

कर्पूरी फाॅर्मूले में है इसका समाधान
Author: उपेन्द्र प्रसाद - Published 11-02-2019 10:08 GMT-0000
राजस्थान के गुर्जर एक बार फिर सड़कों पर हैं। पिछले 15 साल से वे आरक्षण के लिए आंदोलन कर रहे हैं। उनके आंदोलन में करोड़ों की संपत्ति का नुकसान हुआ है और दर्जनो लोग अब तक मारे भी गए हैं। लेकिन उनकी समस्या का कोई समाधान आजतक निकाला नहीं गया है। गुर्जरों के अलावा जाट, पाटीदार, मराठा और कापू समुदाय के लोग भी आरक्षण की मांग करते हुए आंदोलन किया करते थे। आर्थिक आधार पर अनारक्षित तबकों के लिए आर्थिक आधार पर आरक्षण देकर उन्हें संतुष्ट कर दिया गया है और अब उनकी ओर से आरक्षण को लेकर किसी आंदोलन की संभावना बहुत कम हो गई है, लेकिन गुर्जरों की समस्या का समाधान अभी तक नहीं निकल पाया है।

भ्रष्टाचार पर सख्त तेवर

क्या नरेन्द्र मोदी वोट बटोर सकेंगे?
Author: उपेन्द्र प्रसाद - Published 09-02-2019 09:59 GMT-0000
नरेन्द्र मोदी की सरकार भ्रष्टाचार के मसले पर बनी थी। 2011 और उसके बाद देश में भ्रष्टाचार के खिलाफ जबर्दस्त आंदेालन चला था। उस आंदोलन ने देश के पूरे राजनैतिक वर्ग को सवाल के कटघरे में खड़ा कर दिया था और उसका मुख्य नारा था, "सारे नेता चोर हैं"। राजनैतिक वर्ग पर अविश्वसनीयता के उस माहौल में एक ऐसा शून्य भर दिया था, जिसके कारण सभी पार्टियों के प्रति लोगों का संदेह चरम पर पहुंच गया था।

लखनऊ में प्रियंका के लिए कांग्रेस करेगी ग्रैंड शो

मायावती कांग्रेस पर गरम, पर अखिलेश नरम
Author: प्रदीप कपूर - Published 08-02-2019 10:23 GMT-0000
लखनऊः उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी रोड शो के जरिए शक्ति प्रदर्शन का आयोजन करने के लिए पूरी तरह तैयार है और जब प्रियंका गांधी वाड्रा 10-11 फरवरी को लखनऊ आएंगीए तो उसी रोज इस ग्रैंड शो को अंजाम दिया जाएगा। 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए ईस्ट यूपी की कमान संभालने के लिए कांग्रेस उनके लखनऊ आगमन पर प्रियंका गांधी वाड्रा के भव्य स्वागत का आयोजन करने की तैयारी कर रही है।

शीतलहर का वैश्विक सितम

ग्लोबल वार्मिंग की आहट है यह
Author: अनिल जैन - Published 07-02-2019 09:53 GMT-0000
आधी से ज्यादा दुनिया इन दिनों भीषण सर्दी की चपेट में है। यह सर्दी का पलटवार है जो अपने पूरे शीत प्रभाव के साथ लोगों को हैरान-परेशान कर रहा है। न सिर्फ यूरोप और अमेरिका बल्कि भारत समेत समूचा उत्तरी गोलार्ध कडाके की सर्दी से ठिठुर रहा है और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। मौसम वैज्ञानिक इस असाधारण सर्दी के लिए पोलर वॉर्टेक्स (ध्रुवीय तूफान) को जिम्मेदार मान रहे हैं। आर्कटिक क्षेत्र में ध्रुवीय तूफान से हवाओं में उतार-चढाव के कारण ही बीते दिसंबर से लेकर अब तक दुनिया का उत्तरी हिस्सा ठंड से कंपकपा रहा है। वैज्ञानिक इस वैश्विक शीतलहर को ग्लोबल वार्मिंग के आसन्न खतरे की चेतावनी के तौर पर देख रहे हैं।

बिहार में महागठबंधन को मिला ठोस आधार

राहुल की पटना रैली
Author: अरुण श्रीवास्तव - Published 06-02-2019 16:07 GMT-0000
बिहार कांग्रेस के लिए अब कठिन राज्य नहीं दिख रहा है। पटना के गांधी मैदान में 29 साल बाद आयोजित कांग्रेस की 3 फरवरी की जन आकांक्षा रैली ने यह स्पष्ट कर दिया कि हाल के महीनों में कांग्रेस को राज्य में काफी जमीन मिली है और वह अब बीते दिनों की दास्तान नहीं रह गई है। ध्यान देने योग्य बात यह थी कि उसमें युवाओं की भारी भागीदारी दिखी। कांग्रेस के राजनीतिक विरोधियों ने भी इस तथ्य को स्वीकार किया कि उसका ताकत प्रदर्शन काफी प्रभावशाली था।

पश्चिम बंगाल का ममता संकट

इसके लिए मोदी ही जिम्मेदार हैं
Author: उपेन्द्र प्रसाद - Published 05-02-2019 09:44 GMT-0000
पश्चिम बंगाल में अभूतपूर्व स्थिति पैदा हुई, जो देश के लिए बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। इसने एक संवैधानिक संकट पैदा कर दिया और देश में राजनैतिक भूचाल खड़ा कर दिया। और यह सब इसलिए हुआ, क्योंकि देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी सीबीआई का लगातार राजनैतिक इस्तेमाल होता रहा है। सभी सरकारें इसका दुरुपयोग करती हैं। किसी को फंसाने के लिए इसका इस्तेमाल तो कम ही किया जाता है, लेकिन भ्रष्ट नेताओं को बचाकर इसका इस्तेमाल किया जाता रहा है। यूपीए सरकार में भी यही हो रहा था और नरेन्द्र मोदी की सरकार में भी कुछ ऐसा ही हुआ।

मायावती का राहुल पर हमला

भाजपा से सहयोग का रास्ता खुला रखने का संकेत तो नहीं?
Author: अनिल जैन - Published 04-02-2019 11:17 GMT-0000
उत्तर प्रदेश में सपा और बसपा के बीच कुछ दिनों पहले हुए गठबंधन के बाद से लगातार भाजपा पर निशाना साध रहीं बसपा अध्यक्ष मायावती ने हाल ही में अचानक अपनी तोप का मुंह कांग्रेस की ओर कर दिया। उन्होंने ‘न्यूनतम आमदनी गारंटी’ योजना संबंधी कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के बयान की खिल्ली उडाते हुए सवाल किया कि उनका यह वादा भी कहीं कांग्रेस के ही पूर्व में दिए गए ‘गरीबी हटाओ’ जैसे नारे की तरह मजाक तो साबित नहीं होगा?

चुनाव को समर्पित एक बजट

पर उपलब्धियों के आंकड़े संदिग्ध हैं
Author: उपेन्द्र प्रसाद - Published 01-02-2019 11:28 GMT-0000
मोदी सरकार ने अपने वर्तमान कार्यकाल का अपना अंतिम बजट पेश कर दिया है। इसे अंतरिम बजट कहा जा रहा है, क्योंकि यह पूरे साल भर के लिए नहीं है। शुरुआती 6 महीने के सरकारी खर्च का ही प्रावधान इसमें किया गया है, लेकिन राजकोष की अन्य अनेक नीतियां पूरे साल भर के लिए घोषित की गई हैं। इस साल का अंतिम बजट तो अगली सरकार ही पेश करेगी और वह सरकार मोदी की सरकार भी हो सकती है अथवा कोई अन्य सरकार भी हो सकती है।

मौसम की अति से नहीं, साधनहीनता से मरते हैं लोग

ग्लोबल वार्मिंग की चुनौती का सामना कैसे करेंगे हम?
Author: अनिल जैन - Published 31-01-2019 09:52 GMT-0000
कहीं भूख और कुपोषण से होने वाली मौतें तो कहीं गरीबी और कर्ज के बोझ से त्रस्त किसानों के खुदकुशी करने के जारी सिलसिले के बीच ही हर साल सर्दी की ठिठुरन, बारिश-बाढ और गरम लू के थपेडों से भी लोग मरते है। असमय होने वाली ये मौतें नग्न सच्चाइयां हैं हमारे उस भारत की जिसके बारे में दावा किया जाता है कि वह तेजी से विकास कर रहा है और जल्द ही दुनिया की एक महाशक्ति बन जाएगा। ये सच्चाइयां सिर्फ हमारी सरकारों के 'शाइनिंग इंडिया’ और 'भारत निर्माण’ 'न्यू इंडिया’ 'स्टार्टअप इंडिया’, 'स्टैंडअप इंडिया’ जैसे कार्यक्रमों और अर्थव्यवस्था के बारे में किए जाने वाले गुलाबी दावों की ही खिल्ली नहीं उडाती हैं बल्कि व्यवस्था पर काबिज लोगों की नालायकी और संवेदनहीनता को भी उजागर करती है।

फरवरी का चुनावी बजट, होगी तोहफों की बरसात

Author: उपेन्द्र प्रसाद - Published 30-01-2019 11:35 GMT-0000
फरवरी के पहले दिन पेश होने वाला केन्द्रीय बजट लेखानुदान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह एक पूर्ण बजट होगा। भाजपा नेताओं के बयान से इस बात की पुष्टि होती है। अबतक परंपरा तो यही रही थी कि लोकसभा चुनाव के ठीक पहले पेश किए बजट को लेखानुदान का ही रूप दे दिया जाता था, जिसके तहत अगली सरकार के गठन तक सरकारी खर्च का इंतजाम हो जाता था। चुनाव के बाद जो सरकार बनती थी, वह साल का पूर्ण बजट पेश करती थी।